जींद से उठेगा जनभागीदारी का संदेश, विकसित हरियाणा से बनेगा विकसित भारत का मार्ग

जींद से उठेगा जनभागीदारी का संदेश, विकसित हरियाणा से बनेगा विकसित भारत का मार्ग

Message of Public Participation will Emanate from Jind

Message of Public Participation will Emanate from Jind

लेखक: डॉ. अर्चना गुप्ता
प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा हरियाणा


17 जुलाई को हरियाणा के हृदय स्थल जींद में आयोजित होने जा रही "विकसित हरियाणा–विकसित भारत" रैली केवल एक सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी, विकास और भविष्य के भारत के निर्माण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित यह रैली हरियाणा के विकास की नई दिशा तय करने के साथ-साथ पूरे देश को यह संदेश देगी कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक राज्य और प्रत्येक नागरिक इस यात्रा का सहभागी बने। प्रधानमंत्री मोदी यहां से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत करने के साथ साथ अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।

भारतीय जनता पार्टी इस आयोजन को केवल मंचीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी की सोच स्पष्ट है कि यह रैली जनता के लिए सहज, सुव्यवस्थित और सहभागितापूर्ण अनुभव बने। यही कारण है कि इसे पूरी तरह जन-फ्रेंडली और इको फ्रेंडली आयोजन बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लक्ष्य केवल बड़ी भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जिसमें हर व्यक्ति स्वयं को विकास यात्रा का सहभागी महसूस करे।

आज भारतीय राजनीति में विकास सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीति को जाति, क्षेत्र और तुष्टिकरण की सीमाओं से निकालकर विकास, सुशासन और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। इसी सोच के अनुरूप हरियाणा में भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में आधारभूत ढांचे, उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और रोजगार के क्षेत्रों में लगातार कार्य हो रहे हैं।

जींद की इस रैली का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि यह हरियाणा के मध्य क्षेत्र से पूरे प्रदेश को विकास का संदेश देगी। संभावना है कि इस अवसर पर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात मिले, जिनमें आधुनिक रेल अवसंरचना, हरित परिवहन, सड़क संपर्क, औद्योगिक निवेश और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को नई गति मिले। विशेष रूप से हरियाणा को हरित औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

भाजपा की विशेषता रही है कि वह विकास को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास करती है। स्वच्छ भारत अभियान, हर घर जल, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं में जनता की भागीदारी ने ही उन्हें सफल बनाया। जींद की यह रैली भी उसी जनभागीदारी मॉडल का विस्तार मानी जा रही है।

इस आयोजन के माध्यम से भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास और उसकी सहभागिता है। विकास तभी स्थायी बनता है जब सरकार और समाज साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं को केवल आयोजन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक आगंतुक के सम्मान, सुविधा और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

हरियाणा आज देश के उन राज्यों में शामिल है जिसने कृषि, उद्योग, खेल, शिक्षा, रक्षा सेवाओं और आधारभूत ढांचे में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। अब प्रदेश हरित ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन, आधुनिक रेल नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल प्रशासन और निवेश के नए अवसरों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में हरियाणा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जींद की धरती ऐतिहासिक रूप से सामाजिक चेतना, किसान शक्ति और राष्ट्रीय भावना की प्रतीक रही है। ऐसे में यहां से दिया जाने वाला विकास का संदेश केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा। यह रैली विकास और राजनीति के बीच सकारात्मक संबंध का भी उदाहरण प्रस्तुत करेगी, जहां चुनावी विमर्श से आगे बढ़कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करने की बात होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते रहे हैं कि विकसित भारत केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। यही संदेश जींद की इस रैली के केंद्र में भी दिखाई देगा। जब जनता, जनप्रतिनिधि, सरकार और संगठन एक साथ एक दिशा में आगे बढ़ते हैं, तब विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है।

17 जुलाई का यह आयोजन हरियाणा के लिए केवल नई परियोजनाओं की घोषणा का अवसर नहीं होगा, बल्कि यह विश्वास का उत्सव भी होगा। यह विश्वास कि हरियाणा विकसित भारत की यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा; यह विश्वास कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा; और यह विश्वास कि जनभागीदारी ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।

निस्संदेह, जींद से उठने वाली यह आवाज़ केवल एक रैली की नहीं होगी, बल्कि एक ऐसे हरियाणा की होगी जो आत्मविश्वास, आधुनिकता, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार और समावेशी विकास के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।